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अंग्रेजी के पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाएंगे हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी के कलमकार

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने बीए अंग्रेजी के पाठ्यक्रम में किया संशोधन


वेब रिपोर्टर :
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में अगले शैक्षिक सत्र से बीए अंग्रेजी के छात्र भारतीय भाषाओं के साहित्यकारों की रचनाएं भी पढ़ेंगे। पिछले दिनों अंग्रेजी विषय का पाठ्यक्रम तय करने के लिए हुई बोर्ड आफ स्टडीज की बैठक में इस पर मुहर लग गई है। सीसीएसयू और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में अंग्रेजी पाठ्यक्रम में कबीर, जयशंकर प्रसाद, विजय तेंदुलकर, अमृता प्रीतम की रचनाएं पढ़ाई जाएंगी। 

देश के विश्वविद्यालयों में अंग्रेजी के पाठ्यक्रम में आम तौर पर ब्रिटिश और अमेरिकी रचनाकारों को शामिल किया गया है। छात्र विलियम शेक्सपीयर, चाल्र्स डिकेंस, विलियम वर्डस्वर्थ, जॉर्ज आरवेल के व्यक्तित्व और कृतित्व से तो परिचित हो जाता है लेकिन भारतीय भाषाओं के श्रेष्ठ साहित्य से उसका परिचय नहीं हो पाता। इसे देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार किया गया था। 

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में इस पाठ्यक्रम में लगभग तीस फीसदी संशोधन के साथ स्वीकार कर लिया है। अब अंग्रेजी के छात्र रवींद्रनाथ टैगोर की गीतांजलि, जयशंकर प्रसाद की आंसू, महात्मा गांधी का हिंद स्वराज, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आत्मकथा, अमृता प्रीतम की आत्मकथा, खुशवंत सिंह की बंटवारे पर लिखी पुस्तक ट्रेन टू पाकिस्तान, मोहन राकेश की पुस्तक आधे—अधूरे, भीष्म साहनी का लघु उपन्यास अमृतसर आ गया, विजय तेंदुलकर का नाटक कन्यादान भी पढ़ सकेंगे। इसके अलावा स्वामी विवेकानंद द्वारा शिकागो में दिया गया भाषण, ग्रीक दार्शनिक प्लेटो की रिपब्लिक और होमर के अंश भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं। बीए छठे सेमेस्टर में एक प्रश्न पत्र अनुवाद का होगा। 
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