Need Certified Translation?

Embassy Approved | Apostille | Visa Documents

📞 Call ProLingo Now

जर्मन कैदी ने छह साल में सीख ली भोजपुरी, कहा—'बोलल अच्छा लागेला'


प्रोलिंगो न्यूज़ :
गोरखपुर जिला कारागार में एनडीपीएस एक्ट में दस साल की सजा काट रहे जर्मन नागरिक बैरेंड मैनफ्रेंड ने यहां रहते छह साल में भोजपुरी सीख ली। गोरखपुर से दिल्ली के लिए रवाना होते समय उसने कहा कि वह जर्मनी में लोगों को भोजपुरी सिखाएगा। 

2014 में नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार
जर्मनी के सजसेन निवासी बैरेंड मैनफ्रेंड को भारत-नेपाल सीमा पर अक्टूबर 2014 में पुलिस ने नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस एक्ट के तहत उसके खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने एक नवंबर 2014 को उसे महराजगंज जेल भेजा था। प्रशासनिक आधार पर एक अक्टूबर 2015 को बैरेंड मैन फ्रेंड को गोरखपुर मंडलीय कारागार में ट्रांसफर कर दिया गया। यहीं पर रहते हुए 20 दिसंबर 2018 को कोर्ट ने उसे दस साल कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। 

12 अगस्त को दिल्ली एयरपोर्ट पर जर्मन पुलिस को सौंपेंगे
मंडलीय कारगार के जेलर प्रेम सागर शुक्ला ने मीडिया को बताया कि एनडीपीएस एक्‍ट में 10 साल की सजा हुई है। छह साल से ज्यादा की सजा वह काट चुका है। भारत और जर्मनी के बीच लागू प्रत्यर्पण संधि के तहत बैरेंड मैनफ्रेंड को उसके देश प्रत्यर्पण की कार्रवाई चल रही है। दूतावास की पहल पर उसे शेष सजा जर्मनी की जेल में काटने की अनुमति मिली है। 12 अगस्त को उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर जर्मन पुलिस को सौंपा जाएगा। 

भोजपुरी का टोन पूर्वांचल का 
पुलिस अभिरक्षा में बैरेंड मैनफ्रेंड ने मीडिया को बताया, "भोजपुरी बोलल अच्छा लागेगा।" जर्मनी में सजा पूरी होने के बाद वह अपने जानने वालों को भोजपुरी सिखाएगा। मैनफ्रेंड जब जेल से बाहर निकला तो उसके हाथों में भोजपुरी समाज वाले दो झोले थे। उसकी भोजपुरी का टोन पूर्वांचल का है।
Previous Post Next Post