कोविड दुनिया का ताना—बाना नए ढंग से गढ़ रहा है। एक लहर की विनाशलीला खत्म होने के साथ ही दूसरे की दस्तक भयभीत कर रही है। इन सबके बीच दुनियाभर की भाषाओं में शब्दों की आवाजाही का दौर तेज हुआ है। हमेशा की तरह ही इस बार भी माध्यम है अंग्रेजी। कोविड की लहर के साथ ही कारपोरेटी दुनिया में एक शब्द जो तेजी से चल निकला वह था 'डब्ल्यूएफएच' यानि वर्क फ्रॉम होम। दुनियाभर में आईटी और दूसरे उद्योगों से जुड़े कर्मचारी घर पर सुरक्षित रहते हुए अपना काम कर रहे हैं। 'डब्ल्यूएफएच' के साथ ही ढेर सारे ऐसे शब्द हैं जो हमारी रोजाना की बातचीत में आ चुके हैं। हिंदी ही नहीं दुनिया की अन्य भाषाओं में भी ये शब्द बाकायदा अपनी जगह बना चुके हैं। हम हिंदी में माहामारी बोलने की जगह पैंडेमिक, शारीरिक दूरी की जगह सोशल डिस्टेंसिंग बोल रहे हैं। क्वारंटीन, आइसोलेशन जैसे शब्दों का कोई हिंदी विकल्प जम नहीं पाया। लेकिन इनमें एक ऐसा शब्द भी है जो हिंदी के मूर्खता, नासमझी जैसे शब्दों को भी किनारे कर रहा है। यह शब्द है कोविडियट।
आम तौर पर जब कोई खुद को नुकसान करने वाली हरकत करता है तो उसे मूर्ख की संज्ञा दी जाती है। कोरोना काल में नए शब्दों के संधान में मूर्खता के लिए नया शब्द चल निकला है कोविडियट! जाहिर सी बात है कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से बचाव के लिए सुझाए गए तरीकों पर अमल नहीं करता है तो केवल 'मूर्ख' कहकर काम कैसे चलाया जा सकता है। ऐसे किसी भी व्यक्ति की 'मूर्खता' कोरोना काल में विशिष्ट है। और उसकी इस विशिष्टता को दिखाने में हिंदी का 'मूर्ख' और उर्दू—अरबी—फ़ारसी का बेवकूफ़, नादान, कमअक्ल, अहमक़या या हिंदी के मूढ़, मूढ़मति, बुद्धू जैसे शब्द नाकाफ़ी हैं। यहां तक कि अंग्रेजी का चला हुआ शब्द 'इडियट' भी कोरोना काल की लापरवाहियों को बयां करने में फेल है। शायद इसीलिए कोरोना में की जा रही 'नादानियों' को व्यक्त करने के लिए 'कोविडियट' का चलन शुरू हुआ है।
कोविडियट को हिंदी में ज्यों का त्यों स्वीकार करने की ज़रूरत है। इसमें शब्द या ध्वनि—परिवर्तन की कोई गुंजाइश नहीं बचती है। बिल्कुल नया शब्द है। इसलिए जहां कोई सज्जन कोविड से बचाव में लापरवाही करते दिखें, बिना देर किए उन्हें 'कोविडियट' से नवाजा जा सकता है। शब्द हिंदी में नया है। आजमा कर देखें, लेकिन अगला अगर इसके अर्थ से पूर्व—परिचित है तो फ़िर अंजाम की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।
"कोवीडियट" काफी अर्थपूर्ण है। प्रोलिंगो जिस तरह हमें अपडेट कर रहा है वह सराहनीय है।
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