Need Certified Translation?

Embassy Approved | Apostille | Visa Documents

📞 Call ProLingo Now

झारखंड में स्थानीय भाषाओं के शिक्षकों की होगी नियुक्ति


प्रोलिंगो न्यूज़ डेस्क :
झारखंड के विश्वविद्यालयों में करीब 200 भाषा शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। ये सभी शिक्षक स्थानीय भाषाओं के होंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट के माध्यम से इसकी घोषणा की है। झारखंड में संथाली, मुंडारी, हो, खोरठा, कुरमाली, बंगला, उड़िया और कुडुख जैसी भाषाएं बोली जाती हैं।  

हाल में मुख्यमंत्री सोरेन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में क्षेत्रीय भाषा के सभी शिक्षकों के संबंध में जानकारी मांगी थी। इसमें भाषा शिक्षकों के 200 पद रिक्त होने की सूचना मिली। मुख्यमंत्री ने कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा में संथाली, हो, कुडुख, कुरमाली तथा मुंडारी भाषा की पढ़ाई के लिए शिक्षकों के पद सृजन से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इसके तहत राज्य के विश्वविद्यालय से संबद्ध 14 महाविद्यालयों में 135 और स्नातकोत्तर केंद्रों में 24 शिक्षकों के पद सृजित होंगे। गौरतलब है कि राज्य के विश्वविद्यालयों में क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषा की पढ़ाई सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार के द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है।

झारखंड के विश्वविद्यालयों और कालेजों में अभी स्‍थानीय भाषाओं का अध्‍ययन—अध्‍यापन क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषा विभाग के तहत हो रहा है। झारखंड के पूर्व राज्‍यपाल द्रौपदी मुर्मू की तरफ से सभी विश्वविद्यालयों को कहा गया कि वह हर जनजातीय भाषा के लिए अलग विभाग स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव भेजें। इसके तहत प्रस्‍ताव झारखंड सरकार के उच्‍च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को भेजा गया था।
Previous Post Next Post
|
ProLingo News Logo

ProLingo News

Translation. Apostille. VISA — The News You Need to Move.