दस भारतीय भाषाओं से अंग्रेजी में अनुवाद के लिए कर सकते हैं आवेदन, 31 दिसंबर अंतिम तारीख


प्रोलिंगो न्यूज़ : न्यू इंडिया फाउंडेशन ने ट्रांसलेशन फेलोशिप के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह फेलोशिप दस भारतीय भाषाओं से अंग्रेजी में अनुवाद के लिए दी जाएगी। सभी दस भाषाओं में अनुवाद योजना किसी ऐसे ग्रंथ को लेकर होनी चाहिए जो नॉन—फिक्शन यानी कथा—काव्य न हो। अनुवाद के लिए सुझाई गई पुस्तक 1850 के बाद प्रकाशित होनी चाहिए। 

न्यू इंडिया फाउंडेशन स्वतंत्र्योत्तर भारत पर केंद्रित नॉन—फिक्शन पुस्तक लेखन के लिए फेलोशिप देता रहा है। फाउंडेशन ने पहली बार दस भारतीय भाषााओं — असमिया, बांग्ला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, तमिल और उर्दू भाषाओं में प्रकाशित ज्ञान—साहित्य के अंग्रेजी में अनुवाद के लिए फेलोशिप की घोषणा की है। 1850 के बाद भारत के सामाजिक—आर्थिक एवं सांस्कृतिक इतिहास पर दस भारतीय भाषाओं में से किसी में लिखी शोधपरक पुस्तक के अंग्रेजी अनुवाद की योजना को वरीयता दी जाएगी। ट्रांसलेशन फेलोशिप के पहले राउंड में सभी दस भाषाओं के अनुवादकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सभी आवेदनों में से तीन उत्कृष्ट अनुवादकों को छह माह के लिए फेलोशिप दी जाएगी। इस अवधि में प्रत्येक अनुवादक को छह लाख रुपये स्टाइपेंड मिलेगा। 

न्यू इंडिया फाउंडेशन की ट्रस्टी नीरजा गोपाल जयल ने Scroll.in से बातचीत में बताया कि भारतीय भाषाओं में बहुत सारी नॉन—फिक्शन वाली पुस्तकें ऐसी हैं जो बेहद महत्वपूर्ण होते हुए भी सामने नहीं आ सकी हैं। ट्रांसलेशन फेलोशिप शुरू करने का उद्देश्य ऐसी पाठ सामग्री को नए रूप में दुनिया के सामने लाना है।




कौन कर सकता है आवेदन
आवेदक की योग्यता के संबंध में न्यू इंडिया फाउंडेशन की वेबसाइट पर कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं है, लेकिन यह स्वत:समझ बनती है कि आवेदक को दस में किसी एक भारतीय भाषा की मातृभाषा जैसी समझ के साथ ही अंग्रेजी में भी पारंगत होना जरूरी है। आवेदक के लिए तीन चीजें महत्वपूर्ण हैं — पहला, उसे दो पेज में अपना करिकुलम वीटा तैयार करना होगा। दूसरा, पांच हजार शब्दों में सैंपल ट्रांसलेशन सबमिट करना होगा और तीसरा, जिस पुस्तक के अनुवाद की योजना है उसके मूल—भाषा पाठ का अंश अधिकतम पांच हजार शब्दों में जमा करना होगा। यह आवेदन पूरी तरह से आनलाइन है। कोई फीस नहीं लगनी है और आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2021 है।


न्यू इंडिया फाउंडेशन की वेबसाइट पर आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें
न्यू इंडिया फाउंडेशन के ट्रस्टी श्रीनाथ राघवन ने ट्रांसलेशन फेलोशिप के बारे में क्या कहा है, सुनिए


FIND US ON GOOGLE NEWS

1 Comments

Post a Comment

Previous Post Next Post